रोज़ का विटामिन कैलकुलेटर
भारतीयों के लिए रोज़ की मात्रा (ICMR-NIN 2020) · बदलने के लिए टैप करें — नतीजे तुरंत बदलते हैं
आपको रोज़ हर विटामिन कितना चाहिए?
भारत के स्वस्थ वयस्कों के लिए रोज़ की मात्रा, ICMR-NIN 2020 से, और वे आम खाने जिनसे ये मिलती हैं। शाकाहारी का मतलब है दूध के साथ शाकाहारी।
ये मात्राएँ ICMR-NIN के भारतीयों की पोषण ज़रूरतों पर संक्षिप्त नोट, रोज़ की अनुशंसित मात्रा (RDA) 2020 की तालिका 3 और 4 (वयस्क पुरुष और महिलाएँ) से हैं। इस नोट में ये विटामिन उम्र या एक्टिविटी के हिसाब से अलग नहीं दिए गए हैं।
कमी के संभावित लक्षण और शाकाहारी व वीगन खानों की सूचियाँ नीचे दिए गए लेखिका के फ़ूड चार्ट से हैं। सुरक्षित ऊपरी सीमाएँ NIH Office of Dietary Supplements की वयस्कों वाली सीमाएँ हैं।
खानों की सूचियाँ आम उदाहरण हैं। अगर आपको लगता है कि आपमें किसी विटामिन की कमी है, तो क्या करना है यह ब्लड टेस्ट और आपके डॉक्टर तय करेंगे; कृपया ख़ुद से डोज़ न लें।
अपनी डाइट को रोज़ की मात्रा से मिलाएँ
जो खाना आपने खाया और जो विटामिन टैबलेट ली, उसे जोड़ें। छह टाइल इन्हें जोड़कर रोज़ की मात्रा से मिलाती हैं।
आज आपने क्या खाया?
कोई सप्लीमेंट?
ये अनुमान भारतीय फ़ूड टेबल (IFCT 2017) से हैं, और जहाँ भारतीय आँकड़े नहीं हैं वहाँ USDA से। पकाने से विटामिन C और फ़ोलेट कम हो जाते हैं। यह ब्लड टेस्ट नहीं है। आप जो भी भरते हैं, वह सेव नहीं होता।
कलेजी में विटामिन A बहुत ज़्यादा होता है — एक हिस्सा भी सुरक्षित सीमा से ऊपर जा सकता है।
हर हिस्से की मात्रा — स्रोत
यह लेख हमारी कैलकुलेटर्स और टूल्स सीरीज़ का हिस्सा है: ऐसे आसान टूल जिनसे आप जान सकते हैं कि आपके शरीर को रोज़ क्या चाहिए।
भाग 2: विटामिन कैलकुलेटर
ICMR-NIN ने 2020 में भारत के पुरुषों और महिलाओं के लिए जो मात्राएँ तय की हैं, उनसे अपनी रोज़ की विटामिन ज़रूरत जानें।
यह विटामिन चार्ट और कैलकुलेटर समझने में मदद कर सकता है कि आपको हर दिन कौन सा विटामिन कितना चाहिए हो सकता है और कौन से खाने उसे दे सकते हैं। कोई विटामिन चुनें, फिर अपने ऊपर लागू होने वाला उम्र और जेंडर का ग्रुप चुनें।
यह टूल रोज़ की मात्रा और खाने के आम स्रोत दिखाता है। नतीजे को खाने की प्लानिंग के लिए एक गाइड की तरह इस्तेमाल करें, बीमारी की पहचान या अपने आप सप्लीमेंट शुरू करने की वजह की तरह नहीं।
विटामिन ज़रूरत कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
शुरुआत में चुनें कि नतीजा किसके लिए है (पुरुष या महिला) और आपकी डाइट क्या है (सब कुछ, दूध के साथ शाकाहारी, या वीगन)। कैलकुलेटर सिर्फ़ स्वस्थ वयस्कों के लिए रोज़ की मात्रा दिखाता है। इसमें बच्चों, किशोरों या बुज़ुर्गों के लिए उम्र के ग्रुप नहीं हैं।
गर्भावस्था और स्तनपान: कैलकुलेटर इन दौरों की मात्राएँ नहीं दिखाता। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान विटामिन की ज़रूरतें बदलती हैं, और फ़ोलिक एसिड जैसे सप्लीमेंट आमतौर पर हर महिला को अलग से बताए जाते हैं। आपके लिए क्या सही है, यह अपने डॉक्टर या स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) से पूछें।
रोज़ की मात्रा और उसकी यूनिट ध्यान से पढ़ें। नतीजे के नीचे दिए खाने के स्रोत देखें और उनसे अलग-अलग तरह के खाने की प्लानिंग करें। कैलकुलेटर लोगों के एक ग्रुप की आम रोज़ की ज़रूरत बताता है; यह आपके ख़ून में विटामिन का लेवल नहीं मापता और न ही यह बताता है कि आपमें कमी है या नहीं।
अगर आप ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट देख रहे हैं या सप्लीमेंट का लेबल पढ़ रहे हैं, तो याद रखें कि रोज़ की सुझाई गई मात्रा इलाज की डोज़ जैसी नहीं होती।
अगर आप गर्भवती हैं, आपको कोई लंबी बीमारी है, आप रोज़ दवाएँ लेते हैं या आपको किसी पोषक तत्व को सीमित करने को कहा गया है, तो अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से पूछें कि नतीजे का इस्तेमाल कैसे करें।
रोज़ की मात्रा और सुरक्षित ऊपरी सीमा को समझें
रोज़ की मात्रा वह सुझाई गई मात्रा है जो किसी ख़ास उम्र या जीवन के दौर के स्वस्थ व्यक्ति के लिए है। इसका मकसद है कि आप समय के साथ अपने आम खाने की प्लानिंग कर सकें।
हर खाने में यह संख्या ठीक-ठीक पूरी करना ज़रूरी नहीं। किसी एक खाने पर ध्यान देने से बेहतर है कि दिन भर अलग-अलग तरह का खाना खाएँ।
सुरक्षित ऊपरी सीमा अलग चीज़ है: यह रोज़ की वह सबसे ज़्यादा मात्रा है जिसे लंबे समय तक लेने पर ज़्यादातर स्वस्थ लोगों को नुकसान होने की संभावना नहीं होती। यह कोई लक्ष्य नहीं है और इसे सुझाई गई डोज़ नहीं मानना चाहिए।
ऊपरी सीमा मुख्य रूप से तब मायने रखती है जब आप सप्लीमेंट या फ़ोर्टिफ़ाइड प्रोडक्ट लेते हैं, क्योंकि एक टैबलेट में खाने के एक आम हिस्से से कहीं ज़्यादा मात्रा हो सकती है। कमी का शक हो, तो कैलकुलेटर की रोज़ की मात्रा के सहारे ख़ुद इलाज न करें। (ICMR-NIN RDA 2020; NIH Office of Dietary Supplements)
अपने सप्लीमेंट का लेबल जाँचें
सप्लीमेंट लेबल जाँच
विटामिन की टैबलेट, कैप्सूल या ड्रॉप्स ले रहे हैं? लेबल पर छपी मात्रा लिखें और देखें कि यह रोज़ की मात्रा और वयस्कों की सुरक्षित ऊपरी सीमा के मुकाबले कितनी है।
रोज़ की मात्रा कैलकुलेटर में सबसे ऊपर ‘किसके लिए’ वाले चुनाव (पुरुष या महिला) के हिसाब से है। ऊपरी सीमाएँ: NIH Office of Dietary Supplements। और पढ़ें: विटामिन ओवरडोज़ के लक्षण और सुरक्षित कैसे रहें।
मेरा लक्षण किस चीज़ से जुड़ा हो सकता है?
लक्षण गाइड
अपने शब्दों में कोई लक्षण लिखें, या सबसे मिलता-जुलता चुनें। आप देखेंगे कि कौन से विटामिन कभी-कभी इससे जुड़े होते हैं, दूसरी आम वजहें क्या हैं, डॉक्टर से किन जाँचों के बारे में पूछें, और कौन से लक्षण दिखें तो जल्दी डॉक्टर के पास जाना चाहिए। आप जो भी लिखते हैं, वह कहीं सेव या भेजा नहीं जाता।
यह सामान्य जानकारी है, बीमारी की पहचान नहीं। विटामिन से जुड़ाव इस पेज के फ़ूड चार्ट से लिए गए हैं; दूसरी वजहें और जाँचें आम उदाहरण हैं, पूरी सूची नहीं।
पहले खाना: एक आसान विटामिन चार्ट
शुरुआत खाने से करना अच्छा है। नीचे दिए उदाहरण आम भारतीय स्रोत दिखाते हैं, पर किसी विटामिन की मात्रा हिस्से के साइज़, किस्म, मौसम, पकाने के तरीके और फ़ोर्टिफ़िकेशन से बदलती है।
| विटामिन | यह क्यों ज़रूरी है | खाने के स्रोत | कमी के संभावित लक्षण |
|---|---|---|---|
| विटामिन D | शरीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है और हड्डियों व मांसपेशियों को सहारा देता है। | अंडे की ज़र्दी, UV रोशनी में रखे मशरूम, इंडियन सैल्मन (रावस), मैकेरल (बांगड़ा), पॉमफ़्रेट, हिल्सा और सार्डिन से प्राकृतिक विटामिन D मिलता है। कॉड लिवर ऑयल, फ़ोर्टिफ़ाइड डेयरी और फ़ोर्टिफ़ाइड पौधों वाले प्रोडक्ट। | हड्डियों में दर्द या मांसपेशियों में कमज़ोरी; कुछ लोगों में कोई साफ़ लक्षण नहीं होते। |
| विटामिन B12 | नसों को सहारा देता है और ख़ून की स्वस्थ लाल कोशिकाएँ बनाने में मदद करता है। | दूध, दही, पनीर, चीज़, पूरे अंडे, मछली (सैल्मन, टूना, सार्डिन, ट्राउट), शेलफ़िश, चिकन, टर्की, कम चर्बी वाला बीफ़, लैम्ब, कलेजी और गुर्दे। B12 वाले कुछ फ़ोर्टिफ़ाइड खाने, जैसे फ़ोर्टिफ़ाइड न्यूट्रिशनल यीस्ट (लेबल देखें)। | थकान, पीली त्वचा, झुनझुनी या सुन्नपन, और कभी-कभी याददाश्त या संतुलन की दिक़्क़त। |
| विटामिन A | आँखों की रोशनी, इम्यूनिटी और स्वस्थ त्वचा व ऊतकों को सहारा देता है। | मटन कलेजी, अंडे की ज़र्दी, फ़ुल क्रीम दूध और उससे बनी चीज़ें, गाजर, शकरकंद, कद्दू, पालक, मेथी के पत्ते, चौलाई के पत्ते, सहजन के पत्ते, आम, पपीता, ख़रबूज़ा; सैल्मन, मैकेरल, इलिश, टूना, कतला और सार्डिन जैसी मछलियाँ। | कम रोशनी में ठीक से न दिखना और आँखों का सूखापन। गंभीर कमी से आँखों की रोशनी को नुकसान हो सकता है। |
| विटामिन C | घाव भरने में मदद करता है और पौधों वाले खाने से आयरन को बेहतर सोखने में मदद करता है। | आंवला, अमरूद, संतरा, नींबू, शिमला मिर्च, पालक और टमाटर। विटामिन C से भरपूर फल या सब्ज़ियाँ नियमित रूप से खाएँ। | गंभीर कमी में मसूड़ों से ख़ून आना, आसानी से नील पड़ना और घाव देर से भरना। |
| फ़ोलेट (विटामिन B9) | DNA और नई कोशिकाएँ बनाने में मदद करता है, जिनमें ख़ून की लाल कोशिकाएँ भी शामिल हैं। | तूर दाल, राजमा, मसूर दाल, चना दाल, पालक, मेथी, सरसों के पत्ते, चौलाई, चुकंदर, भिंडी और फूलगोभी। | एक तरह का एनीमिया (ख़ून की कमी), थकान और कमज़ोरी। गर्भावस्था की शुरुआत में फ़ोलेट कम होने से बच्चे के विकास पर असर पड़ सकता है। |
विटामिन D फ़ूड चार्ट से आप स्रोतों की तुलना कर सकते हैं, पर हर किसी को सिर्फ़ खाने से पूरा विटामिन D नहीं मिल पाता।
धूप, त्वचा का रंग, कपड़े, मौसम और बाहर बिताया समय तय करते हैं कि शरीर कितना विटामिन D बनाता है। अगर जाँच में कमी पाई गई है, तो सिर्फ़ खाने पर निर्भर रहने की बजाय अपने डॉक्टर की सलाह मानें।
किन लोगों में विटामिन कम हो सकते हैं?
जो लोग जानवरों से मिलने वाला खाना कम या बिल्कुल नहीं खाते, उनमें विटामिन B12 कम होने का ख़तरा हो सकता है, जब तक वे नियमित रूप से B12 वाले फ़ोर्टिफ़ाइड खाने या कोई सही सप्लीमेंट न लें।
पौधों से मिलने वाले आम खाने B12 के भरोसेमंद प्राकृतिक स्रोत नहीं हैं। दूध-दही और अंडे खाने वाले शाकाहारियों को कुछ B12 मिल सकता है, पर फिर भी मात्रा कम रह सकती है।
जो लोग दिन का ज़्यादातर समय घर के अंदर बिताते हैं या जिनमें दूसरे रिस्क फ़ैक्टर हैं, उनमें विटामिन D कम हो सकता है। बुज़ुर्ग कम खा सकते हैं या उन्हें कुछ पोषक तत्व सोखने में दिक़्क़त हो सकती है।
गर्भधारण से पहले और गर्भावस्था की शुरुआत में फ़ोलेट ख़ास तौर पर ज़रूरी है। जो भी महिला गर्भवती हो सकती है, उसे फ़ोलिक एसिड के बारे में किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से पूछना चाहिए।
उम्र के हिसाब से नॉर्मल B12 लेवल और उम्र के हिसाब से नॉर्मल विटामिन D लेवल
ब्लड टेस्ट की रेंज और रोज़ की विटामिन ज़रूरत एक चीज़ नहीं हैं। अलग-अलग लैब अलग रेफ़रेंस रेंज इस्तेमाल कर सकती हैं, और नतीजों को लक्षण, डाइट और मेडिकल हिस्ट्री के साथ समझना चाहिए।
सिर्फ़ उम्र से पता नहीं चलता कि किसी में कमी है या नहीं। अपने नतीजे की तुलना ऑनलाइन मिली किसी संख्या से करने की बजाय डॉक्टर से उसे समझाने को कहें।
ज़्यादा मात्रा नुकसान करती है
ज़्यादा विटामिन का मतलब हमेशा बेहतर सेहत नहीं होता। विटामिन A की ज़्यादा डोज़ लिवर को नुकसान पहुँचा सकती है और गर्भावस्था में बच्चे में जन्म से जुड़े दोष पैदा कर सकती है। बहुत ज़्यादा विटामिन D से कैल्शियम का लेवल बढ़ सकता है और गुर्दों को नुकसान या दूसरी गंभीर दिक़्क़तें हो सकती हैं।
दूसरे विटामिनों की ज़्यादा डोज़ से भी साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं या वे दवाओं के साथ असर कर सकते हैं। सप्लीमेंट साथ में लेने से पहले लेबल देखें, क्योंकि एक ही विटामिन एक से ज़्यादा प्रोडक्ट में हो सकता है।
जब तक किसी योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने न कहा हो, ज़्यादा डोज़ वाले सप्लीमेंट न लें। (NIH Office of Dietary Supplements)
जाँच कब करवानी चाहिए?
अगर आपको लगातार थकान, असामान्य कमज़ोरी, झुनझुनी या सुन्नपन, हड्डियों में दर्द, रात में कम दिखना या एनीमिया के लक्षण हैं, तो डॉक्टर से पूछें कि जाँच की ज़रूरत है या नहीं। इन लक्षणों की कई वजहें हो सकती हैं और इनसे विटामिन की कमी साबित नहीं होती।
डॉक्टर आपके लक्षणों, खाने की आदतों, दवाओं और सेहत के इतिहास के हिसाब से जाँच बता सकते हैं। सिर्फ़ इसलिए ज़्यादा डोज़ वाले सप्लीमेंट शुरू न करें कि आप थका हुआ महसूस करते हैं या किसी चार्ट में आपको अपना लक्षण दिखा।
लोग अक्सर पूछते हैं
उम्र के हिसाब से नॉर्मल B12 लेवल क्या है?
उम्र के हिसाब से ऐसी कोई एक संख्या नहीं है जो सब पर ठीक बैठे। अलग-अलग लैब अलग रेफ़रेंस रेंज इस्तेमाल कर सकती हैं, और सीमा के आसपास वाले नतीजों को लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के साथ देखना ज़रूरी है। अपनी रिपोर्ट डॉक्टर से समझें।
उम्र के हिसाब से नॉर्मल विटामिन D लेवल क्या है?
विटामिन D आमतौर पर 25-हाइड्रॉक्सी विटामिन D नाम के ब्लड टेस्ट से जाँचा जाता है। मेडिकल गाइडलाइन और लैब अलग-अलग कट-ऑफ़ इस्तेमाल कर सकती हैं, इसलिए अपने नतीजे के बारे में डॉक्टर से बात करें।
रोज़ कितना विटामिन C चाहिए?
यह रेफ़रेंस गाइडलाइन और जीवन के दौर पर निर्भर करता है। आंवला, अमरूद, खट्टे फल और शिमला मिर्च जैसे खाने नियमित रूप से लें। किसी सेहत की परेशानी के लिए सप्लीमेंट लेने से पहले किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से पूछें।
किन शाकाहारी खानों में B12 होता है?
दूध, दही, पनीर और कुछ फ़ोर्टिफ़ाइड खानों से B12 मिल सकता है। फ़ोर्टिफ़ाइड प्रोडक्ट पर लेबल देखें। अगर आप दूध-दही और अंडे नहीं खाते, तो B12 के किसी भरोसेमंद स्रोत के बारे में किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से पूछें।
क्या विटामिन चार्ट और कमी से होने वाली बीमारियों की गाइड बता सकती है कि मुझे क्या हुआ है?
विटामिन चार्ट और कमी से होने वाली बीमारियों की गाइड संभावित जुड़ाव समझा सकती है, पर लक्षण एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं और उनकी दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। इससे बीमारी की पहचान नहीं हो सकती। अगर लक्षण बने रहें, तो डॉक्टर की सलाह लें।
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वैज्ञानिक संदर्भ
सभी संदर्भ लिंक 28 अक्टूबर 2026 को जांचे गए।
- ICMR-National Institute of Nutrition. A Brief Note on Nutrient Requirements for Indians: the Recommended Dietary Allowances (RDA) and Estimated Average Requirements (EAR), 2020. Available at: ICMR-NIN – RDA 2020 brief note. Accessed October 28, 2026.
- National Institutes of Health, Office of Dietary Supplements. Dietary Supplement Fact Sheets. Available at: NIH ODS – Fact sheets. Accessed October 28, 2026.
- U.S. Department of Agriculture. FoodData Central. Available at: USDA FoodData Central. Accessed October 28, 2026.
अस्वीकरण
यह कैलकुलेटर केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। यह चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है और इसका उपयोग निदान या इलाज के आधार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। व्यक्तिगत सलाह के लिए डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन से बात करें।