अच्छी सेहत, हमारे अपने हाथों में है।

सोलियस-पिंडली की यह एक मांसपेशी — बैठे-बैठे शुगर घटाए, खून बहाए, थकान भगाए 

सोलियस मसल सक्रियता और रक्त प्रवाह में मदद — Soleus muscle aids blood flow

आप ऑफिस की कुर्सी पर बैठे हैं, स्क्रीन देख रहे हैं, बिल्कुल शांत। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी वक्त आपकी सोलियस-पिंडली में एक ऐसी मांसपेशी चुपचाप काम करना बंद कर देती है — जो आपके खून की शुगर, दिल तक खून का बहाव, और पैरों की सेहत के लिए बेहद ज़रूरी है? 

उसका नाम है सोलियस” — और शायद यह आपके शरीर की सबसे अनदेखी, लेकिन सबसे ज़रूरी मांसपेशी है। 

यह “दूसरा दिल” क्यों है? 

सोलियस पिंडली की गहराई में छिपी होती है। जब भी यह सिकुड़ती है, यह एक पंप की तरह काम करती है — पैरों से खून को गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध ऊपर दिल तक धकेलती है। इसीलिए इसे दूसरा दिल” कहा जाता है। 

घंटों बैठे रहने से यह पंपिंग बंद हो जाती है। नतीजा? पैरों में सूजन, भारीपन, नसों का उभरना — और खून की शुगर में अचानक उछाल। भारत में 10 करोड़ से ज़्यादा लोग मधुमेह से पीड़ित हैं और 13.6 करोड़ और शुगर की कगार पर हैं — और इसमें घंटों बैठी जीवनशैली का बड़ा हाथ है। 

वो खोज जो सबको चौंका गई 

2022 में अमेरिका के एक विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि सोलियस को बैठे-बैठे एक खास तरीके से सक्रिय करने पर खाने के बाद खून की शुगर में 52% तक की कमी और शरीर की इंसुलिन की ज़रूरत में 60% तक की कमी देखी गई — नियंत्रित प्रयोगशाला परिस्थितियों में। 2024 के एक और अध्ययन ने इसकी पुष्टि की। 

यह व्यायाम कोई भारी कसरत नहीं — बस बैठे-बैठे एड़ियाँ उठाना, जिसे सोलियस उठान” कहते हैं। 

कैसे करें? 

  • कुर्सी पर सीधे बैठें, दोनों पैर ज़मीन पर सपाट 
  • पंजे ज़मीन पर टिके रखते हुए, एड़ियाँ ऊपर उठाएँ 
  • 2–3 सेकंड रोकें, फिर धीरे से नीचे लाएँ 
  • काम करते, पढ़ते या टीवी देखते हुए भी कर सकते हैं 

यह साधारण “पंजों पर उठना” नहीं है — पिंडली की गहरी मांसपेशी को सक्रिय करना है। हर घंटे 2–3 मिनट की यह आदत भी फर्क ला सकती है। 

भारतीय परंपरा में था यह राज़ 

रात के खाने के बाद की सैर, ज़मीन पर बैठकर खाना, उकड़ूँ बैठना — ये सब अनजाने में सोलियस को सक्रिय रखते थे। योग के ताड़ासन और वीरभद्रासन में भी यही मांसपेशी काम करती है। आधुनिक विज्ञान अब उस पुरानी समझदारी को पहचान रहा है। 

ध्यान रखें: अगर पैर में चोट, मधुमेह, हृदय रोग या खून के थक्कों की समस्या है, तो यह शुरू करने से पहले डॉक्टर से ज़रूर बात करें। 

इस लेख में शामिल सभी संदर्भ लिंक 30 अप्रैल 2026 तक सत्यापित और सुलभ पाए गए थे।

Hamilton MT, Hamilton DG, Zderic TW. A potent physiological method to magnify and sustain soleus oxidative metabolism improves glucose and lipid regulation. iScience. 2022;25(9):104869.

University of Houston. Discovery Unlocks Potential of ‘Special’ Muscle. UH News. 2022.

इस छोटी-सी मांसपेशी के बारे में पूरी जानकारी —Soleus: आपका चुपचाप काम करने वाला हीरो, दूसरा दिल — दर्द-मुक्त पैरों, बेहतर शुगर और लंबी जवानी की असली चाबी

Authors

  • डॉ. वसुंधरा, MDS (ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी), BDS

    ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन

    कार्य भूमिका: लेखक

    परिचय (Bio):
    डॉ. वसुंधरा एक अनुभवी ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन हैं जिन्हें दंत सर्जरी, ट्रॉमा मैनेजमेंट और क्रेनियोफेशियल प्रक्रियाओं का अनुभव है। उन्होंने कई जटिल दंत सर्जरी जैसे डेंटल इम्प्लांट, जबड़े की फ्रैक्चर सर्जरी, सिस्ट सर्जरी और अन्य उन्नत दंत प्रक्रियाओं पर काम किया है। वे ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी से संबंधित क्लिनिकल रिसर्च और वैज्ञानिक प्रकाशनों में भी सक्रिय रूप से शामिल हैं।

    विशेष कौशल:
    ओरल सर्जरी, डेंटल इम्प्लांट, मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा उपचार, सर्जिकल प्रक्रियाएँ, क्लिनिकल रिसर्च।

    भूमिका:
    डेंटल सर्जरी सलाहकार एवं मेडिकल योगदानकर्ता

    लिंक्डइन: https://www.linkedin.com

  • डॉ. रुचिका राज,

    ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन | मेडिकल कंटेंट विश्लेषक

    कार्य भूमिका: समीक्षक

    परिचय (Bio):
    डॉ. रुचिका राज एक अनुभवी ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन हैं जिन्हें दंत सर्जरी, इम्प्लांटोलॉजी और चिकित्सा अनुसंधान लेखन का अनुभव है। उन्हें क्लिनिकल प्रैक्टिस के साथ-साथ हेल्थकेयर संगठनों के लिए मेडिकल कंटेंट विश्लेषण का भी अनुभव है। उनका कार्य जटिल चिकित्सा और वैज्ञानिक शोध को सरल और प्रमाण आधारित स्वास्थ्य जानकारी के रूप में प्रस्तुत करना है।

    विशेष कौशल:
    ओरल सर्जरी, डेंटल इम्प्लांटोलॉजी, मेडिकल रिसर्च विश्लेषण, वैज्ञानिक लेखन, हेल्थकेयर कंटेंट डेवलपमेंट।

    भूमिका:
    मेडिकल रिसर्च विश्लेषक एवं क्लिनिकल कंटेंट रिव्यूअर

    गूगल स्कॉलर: https://scholar.google.com

     

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