अच्छी सेहत, हमारे अपने हाथों में है।

60 के बाद खाना बदलिए, ज़िंदगी बचाइए — बुज़ुर्गों की पोषण ज़रूरतें जो डॉक्टर भी अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं 

बुज़ुर्ग  के लिए प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स | Protein, Vitamins & Minerals for Seniors

68 साल के बुज़ुर्ग रमेश जी हर सुबह थके हुए उठते हैं। घुटने दुखते हैं, याददाश्त कमज़ोर लगती है, बार-बार ठंड लग जाती है। जाँच में सब “नॉर्मल।” लेकिन असली समस्या थाली में है — उनके शरीर को ज़रूरी प्रोटीन, विटामिन D और B12 नहीं मिल रहे। 

यह सिर्फ़ रमेश जी की कहानी नहीं। भारत के लाखों बुज़ुर्ग इसी हाल में हैं — और उन्हें खुद भी नहीं पता। 

बुज़ुर्गों का कुपोषण — जो दिखता नहीं, पर तोड़ता है 

भारत में 60+ उम्र के लोगों का स्वास्थ्य खर्च युवाओं से चार गुना ज़्यादा है। इसकी एक बड़ी वजह है छिपा हुआ कुपोषण — जो मोटे दिखने वाले बुज़ुर्गों में भी हो सकता है। शोध बताते हैं कि प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और ओमेगा-3 बुज़ुर्गों की थाली से अक्सर गायब रहते हैं। उम्र बढ़ने के साथ भूख कम होती है, दाँतों की दिक्कत बढ़ती है, और पाचन भी कमज़ोर पड़ता है — इसलिए ज़रूरी पोषण मिलना और भी मुश्किल हो जाता है। 

मांसपेशियाँ क्यों कमज़ोर पड़ती हैं? 

65 के बाद शरीर को रोज़ाना 1.0–1.2 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो वज़न चाहिए — लेकिन ज़्यादातर बुज़ुर्ग इससे कम लेते हैं। इसी कमी से होती है सार्कोपीनिया — मांसपेशियों का धीरे-धीरे क्षीण होना — जिसका नतीजा है गिरना, कमज़ोरी और दूसरों पर निर्भरता। अच्छी बात यह है कि सही खाने और हल्की एक्सरसाइज़ से इस प्रक्रिया को काफी हद तक रोका जा सकता है। 

हर खाने में प्रोटीन ज़रूर रखें: दाल, अंडे, पनीर, दही, मछली या राजमा — सिर्फ़ रात के खाने में नहीं, तीनों वक्त। 

कौन से सप्लिमेंट सच में काम करते हैं? 

उम्र के साथ पेट का एसिड कम हो जाता है, जिससे कई ज़रूरी पोषक तत्व शरीर ठीक से सोख नहीं पाता। डॉक्टर की सलाह से विटामिन D (800–1000 IU), B12 और कैल्शियम लेना बुढ़ापे में हड्डियाँ, दिमाग़ और इम्युनिटी तीनों के लिए ज़रूरी है। ओमेगा-3 दिल और याददाश्त दोनों को सँभालता है — मछली या अलसी के बीज इसके अच्छे स्रोत हैं। लेकिन कोई भी सप्लिमेंट खुद से शुरू करने की बजाय पहले खून की जाँच कराएँ। 

प्लांट-बेस्ड खाना: फायदा है, पर सावधानी भी ज़रूरी है 

भारत में शाकाहारी बुज़ुर्गों के लिए B12 की कमी एक बड़ा खतरा है क्योंकि यह विटामिन सिर्फ़ डेयरी, अंडे या फोर्टिफ़ाइड फूड में मिलता है। दाल + चावल, राजमा + रोटी जैसे कॉम्बिनेशन प्रोटीन की ज़रूरत पूरी कर सकते हैं। फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर यह डाइट दिल और पाचन के लिए भी बेहतरीन है — बस सही प्लानिंग चाहिए। 

इस लेख में शामिल सभी संदर्भ लिंक 30 अप्रैल 2026 तक सत्यापित और सुलभ पाए गए थे।

Academy of Nutrition and Dietetics. (2024). Nutrition and healthy aging.

Guasch-Ferré M, et al. (2025). Optimal dietary patterns for healthy aging. Nature Medicine. Harvard T.H. Chan School of Public Health.

याद रखें: सही पोषण ज़िंदगी में सिर्फ़ साल नहीं जोड़ता — सालों में ज़िंदगी जोड़ता है। आज थाली में एक छोटा बदलाव कल की बड़ी बीमारी रोक सकता है। 

पूरी जानकारी, ICMR गाइडलाइंस, step-by-step डाइट प्लान और विशेषज्ञों की राय के लिए पढ़ें पूरा लेख: 
सीनियर न्यूट्रिशन 2026 में: प्रोटीन , सप्लिमेंट्स और प्लांटबेस्ड डाइट

Authors

  • डॉ. वसुंधरा, MDS (ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी), BDS

    ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन

    कार्य भूमिका: लेखक

    परिचय (Bio):
    डॉ. वसुंधरा एक अनुभवी ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन हैं जिन्हें दंत सर्जरी, ट्रॉमा मैनेजमेंट और क्रेनियोफेशियल प्रक्रियाओं का अनुभव है। उन्होंने कई जटिल दंत सर्जरी जैसे डेंटल इम्प्लांट, जबड़े की फ्रैक्चर सर्जरी, सिस्ट सर्जरी और अन्य उन्नत दंत प्रक्रियाओं पर काम किया है। वे ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी से संबंधित क्लिनिकल रिसर्च और वैज्ञानिक प्रकाशनों में भी सक्रिय रूप से शामिल हैं।

    विशेष कौशल:
    ओरल सर्जरी, डेंटल इम्प्लांट, मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा उपचार, सर्जिकल प्रक्रियाएँ, क्लिनिकल रिसर्च।

    भूमिका:
    डेंटल सर्जरी सलाहकार एवं मेडिकल योगदानकर्ता

    लिंक्डइन: https://www.linkedin.com

  • डॉ. सान्या अंसारी, MBBS, MS (ENT), MRCS (UK)

    ईएनटी सर्जन एवं क्लिनिकल रिसर्च योगदानकर्ता

    कार्य भूमिका: समीक्षक

    परिचय (Bio):
    डॉ. सान्या अंसारी एक लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक हैं जो ईएनटी (कान, नाक और गला) तथा हेड एंड नेक सर्जरी में विशेषज्ञता रखती हैं। वे भारत और यूनाइटेड किंगडम दोनों में चिकित्सा अभ्यास के लिए पंजीकृत हैं। उन्हें ईएनटी रोगों के निदान, सर्जिकल उपचार, आपातकालीन वायुमार्ग देखभाल और रोगी-केंद्रित उपचार योजना का अनुभव है। वे अकादमिक शिक्षण और क्लिनिकल रिसर्च में भी सक्रिय रूप से योगदान देती हैं।

    विशेष कौशल:
    ईएनटी सर्जरी, क्लिनिकल निदान, सर्जिकल प्रक्रियाएँ, प्रमाण आधारित उपचार योजना, मेडिकल रिसर्च।

    भूमिका:
    क्लिनिकल हेल्थ विशेषज्ञ एवं मेडिकल कंटेंट रिव्यूअर

    लिंक्डइन: https://www.linkedin.com

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