अच्छी सेहत, हमारे अपने हाथों में है।

सीनियर न्यूट्रिशन 2026: मांसपेशियाँ कैसे बचाएँ

सीढ़ियाँ चढ़ते समय अगर पहले जैसी ताकत महसूस नहीं होती, तो इसे सिर्फ “बुढ़ापा” मानकर टालना सही नहीं है। कई बार यह मांसपेशियों की कमी का संकेत होता है, और अच्छी खबर यह है कि इसे काफी हद तक रोका जा सकता है।

उम्र बढ़ने के साथ शरीर प्रोटीन को पहले जैसी तेजी से इस्तेमाल नहीं करता, इसलिए बुज़ुर्गों को अक्सर युवाओं से ज़्यादा प्रोटीन की ज़रूरत पड़ती है। साथ ही, खाना और कसरत दोनों सही हों, तभी ताकत और चलने-फिरने की क्षमता बनी रहती है।

सबसे उपयोगी रास्ता सीधा है: हर खाने में प्रोटीन रखें। नाश्ता, दोपहर और रात — तीनों समय दाल, चना, राजमा, टोफू, पनीर, दही, सोया-चंक्स, मूँगफली, बीज या उनका अच्छा मेल लें। इससे शरीर को दिनभर मांसपेशियाँ संभालने का बेहतर संकेत मिलता है।

कसरत भी उतनी ही ज़रूरी है। हल्का वज़न, रबर-बैंड, कुर्सी से उठना-बैठना, या शरीर के वज़न वाले व्यायाम मांसपेशियों को सक्रिय रखते हैं। सिर्फ चलना अच्छा है, लेकिन ताकत बचाने के लिए शरीर को थोड़ा प्रतिरोध भी चाहिए।

कुछ सप्लीमेंट्स पर भी चर्चा है, जैसे विटामिन B12, विटामिन D, ओमेगा-3, और क्रिएटिन। लेकिन इन्हें बिना जरूरत या बिना सलाह के शुरू करना ठीक नहीं। खासकर अगर किडनी की दिक्कत है, तो डॉक्टर से पूछकर ही आगे बढ़ें।

असल बात यह है कि उम्र के साथ स्वतंत्र रहना किसी जादू से नहीं, बल्कि सही भोजन, नियमित गतिविधि और समझदारी भरे छोटे फैसलों से संभव होता है।

पूरी लेख में आपको इसी के लिए आसान, काम की और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी — उसे ज़रूर पढ़ें।

Authors

  • डॉ. सान्या अंसारी, MBBS, MS (ENT), MRCS (UK)

    ईएनटी सर्जन एवं क्लिनिकल रिसर्च योगदानकर्ता

    कार्य भूमिका:लेखक

    परिचय (Bio):
    डॉ. सान्या अंसारी एक लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक हैं जो ईएनटी (कान, नाक और गला) तथा हेड एंड नेक सर्जरी में विशेषज्ञता रखती हैं। वे भारत और यूनाइटेड किंगडम दोनों में चिकित्सा अभ्यास के लिए पंजीकृत हैं। उन्हें ईएनटी रोगों के निदान, सर्जिकल उपचार, आपातकालीन वायुमार्ग देखभाल और रोगी-केंद्रित उपचार योजना का अनुभव है। वे अकादमिक शिक्षण और क्लिनिकल रिसर्च में भी सक्रिय रूप से योगदान देती हैं।

    विशेष कौशल:
    ईएनटी सर्जरी, क्लिनिकल निदान, सर्जिकल प्रक्रियाएँ, प्रमाण आधारित उपचार योजना, मेडिकल रिसर्च।

    भूमिका:
    क्लिनिकल हेल्थ विशेषज्ञ एवं मेडिकल कंटेंट रिव्यूअर

    लिंक्डइन: https://www.linkedin.com

  • डॉ. वसुंधरा, MDS (ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी), BDS

    ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन

    कार्य भूमिका: समीक्षक

    परिचय (Bio):
    डॉ. वसुंधरा एक अनुभवी ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन हैं जिन्हें दंत सर्जरी, ट्रॉमा मैनेजमेंट और क्रेनियोफेशियल प्रक्रियाओं का अनुभव है। उन्होंने कई जटिल दंत सर्जरी जैसे डेंटल इम्प्लांट, जबड़े की फ्रैक्चर सर्जरी, सिस्ट सर्जरी और अन्य उन्नत दंत प्रक्रियाओं पर काम किया है। वे ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी से संबंधित क्लिनिकल रिसर्च और वैज्ञानिक प्रकाशनों में भी सक्रिय रूप से शामिल हैं।

    विशेष कौशल:
    ओरल सर्जरी, डेंटल इम्प्लांट, मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा उपचार, सर्जिकल प्रक्रियाएँ, क्लिनिकल रिसर्च।

    भूमिका:
    डेंटल सर्जरी सलाहकार एवं मेडिकल योगदानकर्ता

    लिंक्डइन: https://www.linkedin.com

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