अच्छी सेहत, हमारे अपने हाथों में है।

क्या आपका कुत्ता भीतर से बीमार है और आपको पता भी नहीं? टिक फीवर के वो संकेत जो हम अक्सर चूक जाते हैं 

भारत के गर्म और नम मौसम में टिक फीवर एक ख़ामोश घुसपैठिए की तरह काम करता है। हमारे कुत्ते बेहद मज़बूत होते हैं — वे तब तक दर्द नहीं दिखाते जब तक बीमारी बहुत आगे न बढ़ जाए। यही देरी सबसे ख़तरनाक है। 

पहली चेतावनी: “चिंगारी” का गायब होना 

टिक फीवर का सबसे पहला संकेत अक्सर भूख में बदलाव होता है। जो कुत्ता खाने के समय उछलता था, वह अचानक पसंदीदा खाना भी छोड़ दे — तो यह सिर्फ थकान नहीं है। शरीर अंदर से किसी बड़े दुश्मन से लड़ रहा होता है। 

ये संकेत दिखें तो देर मत करें 

  • मसूड़े पीले या सफ़ेद हो जाएँ — लाल रक्त कोशिकाओं को नुकसान हो रहा है 
  • पेशाब का रंग चाय जैसा गहरा हो जाए — गंभीर चेतावनी 
  • सुबह एक पैर में लंगड़ाहटशाम को दूसरे में — जोड़ों की सूजन 
  • तेज़ बुखार — कान और पेट छूने पर असामान्य गर्मी 

⚠️ सबसे बड़ा धोखा: कुत्ता हफ्तों तक बाहर से बिल्कुल ठीक दिखता है, जबकि रोगाणु भीतर चुपचाप बढ़ते रहते हैं। 

रोज़ करें — सिर्फ 30 सेकंड 

हर सैर के बाद कान की तहेंपंजों की उँगलियों के बीचपट्टे के नीचे और पूँछ का निचला हिस्सा हाथ से जाँचें। टिक दिखे तो दबाएँ नहीं — बारीक चिमटी से सीधा ऊपर खींचें। 

औषधीय स्नान काफ़ी नहीं। स्थायी सुरक्षा के लिए अपने पशु चिकित्सक से नियमित रोकथाम की दवा लें और साल में एक बार रक्त जाँच ज़रूर कराएँ। 

📖 पूरी जानकारी और हर सवाल के जवाब के लिए पूरा लेख पढ़ें: 

Authors

  • निहारिका मून

    पशु चिकित्सक एवं पशु स्वास्थ्य विशेषज्ञ

    जॉब रोल : लेखक

    बायो:
    डॉ. निहारिका मून पशु शल्य चिकित्सा और रेडियोलॉजी में विशेषज्ञता रखने वाली एक स्नातकोत्तर पशु चिकित्सक हैं, जिनका विशेष शोध कुत्तों में पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा और स्किन फ्लैप तकनीकों पर आधारित है। इन्हें छोटे पशुओं की सॉफ्ट टिशू सर्जरी, एनेस्थीसिया और आपातकालीन चिकित्सा में मजबूत अनुभव है। इन्होंने पशु चिकित्सालयों, एनजीओ और वन्यजीव पुनर्वास केंद्रों में कार्य किया है, जहाँ इन्होंने घरेलू और विदेशी/वन्य पशुओं के मामलों को संभाला है। इनका कार्य उन्नत शल्य तकनीकों, साक्ष्य-आधारित उपचार और पशु कल्याण को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।

    विशेष कौशल:
    छोटे पशुओं की सर्जरी, एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन प्रबंधन, आपातकालीन चिकित्सा, क्लिनिकल निदान, रेडियोग्राफी विश्लेषण, एंडोस्कोपी, एफएनएसी, विदेशी एवं वन्य पशु देखभाल, शल्य चिकित्सा प्रबंधन।

    भूमिका:
    पशु शल्य सलाहकार एवं पशु देखभाल लेखक

    लिंक्डइन:
    https://www.linkedin.com/

  • डॉ. निक्शिता कटंगुरी, BVSc & AH

    पशु चिकित्सक एवं पशु स्वास्थ्य विशेषज्ञ

    कार्य भूमिका: समीक्षक

    परिचय (Bio):
    डॉ. निक्शिता कटंगुरी एक लाइसेंस प्राप्त पशु चिकित्सक हैं और उन्हें पालतू पशुओं की चिकित्सा, विदेशी पक्षियों की देखभाल तथा पशु कल्याण कार्यक्रमों में चार से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने पशु चिकित्सालयों और पशु कल्याण संगठनों के साथ काम करते हुए जानवरों के उपचार, रोकथाम संबंधी देखभाल और पोषण मार्गदर्शन प्रदान किया है। उनका कार्य वैज्ञानिक आधार पर पशु चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से पशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और पशु पालकों को जिम्मेदार देखभाल के बारे में शिक्षित करना है।

    विशेष कौशल:
    पशु चिकित्सा निदान, पशु पोषण योजना, पक्षी चिकित्सा, पालतू पशुओं की निवारक स्वास्थ्य देखभाल, पशु कल्याण कार्यक्रम।

    भूमिका:
    पशु स्वास्थ्य सलाहकार एवं पेट केयर योगदानकर्ता

    लिंक्डइन: https://www.linkedin.com/

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